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बृहत्संहिता • अध्याय 82 • श्लोक 1
सौगन्धिककुरुविन्दस्फटिकेभ्यः पद्मरागसम्भूतिः । सौगन्धिकजा भ्रमराञ्जनाब्मजम्बूरसद्युतयः ॥
सौगन्धिक, कुरुविन्द, स्फटिक- इन तीन प्रकार के पत्थरों से पयराग (लाल) की उत्पत्ति होती है। सौगन्धिक पत्थर से उत्पन पद्मराग प्रमर, अञ्जन, मेध या जामुन के रस के समान कान्ति बाले होते हैं।
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