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बृहत्संहिता • अध्याय 81 • श्लोक 8
परिणतदाडिमगुलिकागुञ्जाताघ्रं च वायुदैवत्यम् । निर्धूमानलकमलप्रभं च विज्ञेयमाग्नेयम् ॥
पके हुये अनार के बीज या चोंटनी (करजनी) के समान रक्त वर्ण वाले मोती का देवता वायु तथा धूमरहित अग्नि या कमल के समान कान्ति वाले मोती का देवता अग्नि कहा गया है।
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