शङ्खतिमिवेणुवारणवराहभुजगाभ्रजान्यवैद्यानि ।
अमितगुणत्वाच्चैषामर्थः शाखे न निर्दिष्टः ॥
शंख, मछली, बाँस, हाथी, सूअर, सर्प और मेघ से उत्पन्न मोती छिद्र करने लायक नहीं होते। अमित गुणों से समन्वित होने के कारण शास्त्रों में इसका मूल्य नहीं कहा गया है अर्थात् ये सभी अमूल्य होते हैं।
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