शस्तेऽवनिप्रदेशे रजतमये भाजने स्थिते च यदि । वर्षति देवोऽकस्मात् तज्ज्ञेयं नागसम्भूतम् ॥
यदि प्रशस्त भूमि पर चाँदी के पात्र में उस मोती को रख देने से अचानक वर्षा होने लगे तो नाग से उत्पन्न मोती जानना चाहिये।
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