वर्षाकालिक उपल (पत्थर) के समान, सप्तम वायु स्कन्ध से पतित, बिजली
के समान, मेघ से उत्पन्न, आकाश से गिरते हुये मोती का आकाशस्थित देवयोनियों के
द्वारा ऊपर ही ऊपर हरण कर लिया जाता है ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।