मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 81 • श्लोक 23
दंष्ट्रामूले शशिकान्तिसप्रभं बहुगुणं च वाराहम् । तिमिजं मत्स्याक्षिनिभं बृहत् पवित्रं बहुगुणं च ॥
सूअर के दन्तमूल में चन्द्रप्रभा के समान कान्ति वाले, बहुत गुणों से युक्त मुक्ता- फल निकलते हैं तथा मछली से मछली के नेत्र के समान, स्थूल, पवित्र और बहुत गुणों से युक्त मुक्ताफल निकलते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें