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बृहत्संहिता • अध्याय 81 • श्लोक 21
तेषां किल जायन्ते मुक्ताः कुम्भेषु सरदकोशेषु । बहवो बृहत्प्रमाणा बहुसंस्थानाः प्रभायुक्ताः ॥
ड़े-बड़े अनेक प्रकार के और कान्तियुक्त बहुत से मोती निकलते हैं। इनका मूल्य तथा इनमें छिद्र नहीं करना चाहिये।
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