कृष्णश्वेतकपीतकताम्राणामीषदपि च विषमाणाम् । त्र्यंशोनं विषमकपीतयोश्च षड्भागदलहीनम् ॥
कुछ काले, कुछ सफेद, कुछ पीले, कुछ लाल और कुछ विषम मोतियों का तृतीयांशोन पूर्वोक्त मूल्यतुल्य मूल्य होता है। विषम तथा पीले मोतियों का षष्ठांशोन
पूर्वोक्त मूल्यतुल्य मूल्य होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।