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बृहत्संहिता • अध्याय 81 • श्लोक 1
द्विपभुजगशुक्तिशङ्खाभ्रवेणुतिमिसूकरप्रसूतानि । मुक्ताफलानि तेषां बहुसाधु च शुक्तिजं भवति ॥
हाथी, सर्प, सीपी, शंख, मेघ, बांस, मछली और सूअर से मोती की उत्पत्ति होती हैं। उनमें से सीपी से उत्पत्र मोती को सबसे उत्तम कहा गया है।
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