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बृहत्संहिता • अध्याय 80 • श्लोक 7
ईषत्ताघ्रं हिमवति मतङ्गेजं वल्लपुष्पसङ्काशम् । आपीतं च कलिङ्गे श्यामं पौण्ड्रेषु सम्भूतम् ॥
कुछ लाल, मतङ्ग देश में वल्लपुष्य के समान, कलिंग देश में पीले वर्ण का और पौण्ड्र देश में श्याम वर्ण का होरा उत्पन्न होता है।
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