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बृहत्संहिता • अध्याय 80 • श्लोक 18
स्वजनविभवजीवित क्षयं जनयति वज्रमनिष्टलक्षणम् । अशनिविषभयारिनाशनं शुभमुपभोगकरं च भूभृताम् ॥
अशुभ लक्षणों से युक्त हीरे को धारण करने से राजाओं के बन्धु, धन और प्राण का नाश होता है तथा शुभ लक्षणों से युक्त हीरे को धारण करने से वज्रभय, विष एवं शत्रु का नाश तथा भोग की वृद्धि होती है।
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