वज्र न किञ्चिदपि पुत्रार्थिनीभिरवलाभिरुशन्ति शृङ्गाटकत्रिपुटधान्यकवत् श्रोणीनिभं च शुभदं धारयितव्यमेके तज्ज्ञाः । स्थितं यत् तनयार्थिनीनाम् ॥
हीरा के लक्षणों को जानने वाले पण्डितों का कहना है कि पुत्र चाहने वाली स्त्रियों
को किसी भी प्रकार का हीरा नहीं धारण करना चाहिये। सिंघाड़े को आकृति वाले तीन
पुटों से युक्त, धान्यफल के समान या श्रोणी के समान होरे को धारण करना पुत्र चाहने
वाली खियों के लिये शुभदायक होता है।
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