यानि च बुहृददलिताग्रचिपिटवासीफलप्रदीर्घाणि । सर्वेषां चैतेषां मूल्याद् भागोऽष्टमो हानिः ॥
पानी के बुलबुले के समान आगे से फटा, चिपटा और वासी फल के समान लम्बा होरा शुभ करने वाला नहीं होता। इसलिये इन दोषयुक्त हीरों का मूल्य पूर्वोक्त मूल्य से अष्टमांश कम हो जाता है।
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