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बृहत्संहिता • अध्याय 80 • श्लोक 15
काकपदमक्षिकाकेशधातुयुक्तानि शर्करैर्विद्धम् । द्विगुणानि दग्धकलुषत्रस्तविशीर्णानि न शुभानि ॥
काकपद के समान चिह्न वाला, मक्खी के समान चिह्न वाला, केश के समान रेखा- रूप चिह्न वाला, धातुओं (मिट्टियों) से युक्त, कंकड़ से विद्ध, कथित लक्षण से दुगुने कोण वाला, आग से जला हुआ, मलिन, कान्तिहीन एवं जर्जर हीरा शुभदायी नहीं होता है।
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