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बृहत्संहिता • अध्याय 80 • श्लोक 13
पादत्र्यंशाधोंनं त्रिभागपञ्चांशषोडशांशाच । भागश्च पञ्चविंशः शतिकस्साहत्रिकश्चेति ॥
पञ्च- विंशांश ( ८०००) शतांश (२०००) और सहस्रांश (१७०) कार्षापण मूल्य होता है अर्थात् १८ तण्डुलतुल्य हीरे का मूल्य १५००००, १६ तण्डुल होरे का मूल्य १४४४४३३, १४ तण्डुल हीरे का मूल्य १००००० कार्षापण इत्यादि जानना चाहिये।
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