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बृहत्संहिता • अध्याय 80 • श्लोक 12
सितसर्षपाष्टकं तण्डुलो भवेत्तण्डुलैस्तु विंशत्या । तुलितस्य द्वे लक्षे मूल्यं द्विद्वयूनिते चैतत् ॥
सफेद सरसों के आठ दाने का एक तण्डुल (चावल) होता है। २० तण्डुल होरे का मूल्य दो लाख कार्षापण होता है। उसमें क्रम से दो-दो चावल कम करने से पूर्वोक्त मूल्य का पादोन (डेढ़ लाख), तृतीयांशोन (१४४४४३३) अर्थोन (एक लाख), तृतीयांश (६६६६३३), पञ्चमांश (४००००), षोडशांश (१२५००)
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