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बृहत्संहिता • अध्याय 8 • श्लोक 28
क्वचित् त्ववृष्टिः पवनाग्निकोपः सन्तीतयः श्लेष्मकृताश्च रोगाः । संवत्सरेऽस्मिन् प्रभवे प्रवृत्ते न दुःखमाप्नोति जनः तथापि ॥
इस वर्ष अर्थात् प्रभाव में कुछ भागों में सूखा पड़ेगा; तूफ़ान और आग का प्रकोप, षट्विध कष्ट और कफ रोग होंगे। इन सबके बावजूद जनता को दुःख नहीं होगा।
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