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बृहत्संहिता • अध्याय 8 • श्लोक 16
विचरन् भद्वयमिष्टः तत्सार्धं वत्सरेण मध्यफलः । सस्यानां विध्वंसी विचरेदधिकं यदि कदाचित् ॥
बृहस्पति तब लाभकारी होता है जब वह वर्ष के दौरान दो नक्षत्रों में गोचर करता है। जब वह 2 एवं 1/2 चन्द्रमा से होकर गुजरेगा तो प्रभाव मध्यम होगा। यदि वह संभवतः इससे अधिक गुजर गया, तो वह सभी फसलों को नष्ट कर देगा।
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