श्रावणवर्षे क्षेमं सम्यक् सस्यानि पाकमुपयान्ति ।
क्षुद्रा ये पाखण्डाः पीड्यन्ते ये च तद्भक्ताः ॥
बृहस्पति के श्रावण वर्ष में सामान्य सुख रहेगा तथा भूमि की उपज प्रचुर मात्रा में होगी। विधर्मी और नीच मानसिकता वाले मनुष्य अपने अनुयायियों सहित कष्ट भोगेंगे।
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