मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 7
शुभचिहान्याह सितकुसुममचवारणदध्यक्षतपूर्णकुम्भरत्नानि मङ्गल्यान्यन्यानि च। दृष्ट्वारम्भे शुभं ज्ञेयम्॥
शम्या या आसन के निर्माणकाल में सफेद फूल, मतवाला हाथी, दही, अक्षत, जल से भरा हुआ पड़ा, रत्न और अन्य मंगलद्रव्यों का देखना शुभ होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें