पूर्वच्छिन्नं यदि वा दारु भवेत्तत्परीक्ष्यमारम्भे ।
यद्यारोहेत्तस्मिन् कुमारकः पुत्रपशुदं तत् ॥
शव्या या आसन के निर्माण से पहले पूर्व में काटे गये वृक्ष के शुभाशुभ फल का परीक्षण कर लेना चाहिये। यदि उस कटे हुये वृक्ष पर अकस्मात् कोई बालक चढ़ जाय तो बह वृक्ष पुत्र और पशु को देने वाला होता है।
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