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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 5
प्रतिषिद्धवृक्षनिर्मितशयनासनसेवनात् कुलविनाशः । व्याधिभयव्ययकलहा भवन्त्यनर्था अनेकविधाः ॥
अशुभ वृक्ष की लकड़ी से बनी हुयी शव्या और आसन का सेवन करने से कुल का नारा, रोग, भय, धन की हानि, कलह और अनेक प्रकार के अनर्थ होते हैं।
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