घटवत् सुषिरं मध्ये सङ्कटमास्ये च निष्कुटं छिद्रम्। निष्पावमाषमात्रं नीलं छिद्रं च कोलाक्षम् ॥
यदि छिद्र के मध्य में पड़े के समान चौड़ा और ऊपर तंग मुख की आकृति दिखाई दे तो निष्कुट, शालि धान्य या उडद के बराबर नील
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।