खुरदेशे यो ग्रन्थिः खुरिणं पीडाकरः स निर्दिष्टः । ईषाशीर्षण्योश्च त्रिभागसंस्थो भवेत्र शुभः ॥
खुरप्रदेश में गाँठ हो तो खुर वाले जानवरों को पीड़ा तथा ईषा (पार्श्व काष्ठ) और शोर्षणी (शिर की तरफ का काष्ठ) के तिहाई पर गाँठ हो तो कल्याणकारी नहीं होता है।
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