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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 28
सुषिरेऽथवा विवर्णे ग्रन्थौ पादस्य शीर्षगे व्याधिः । पादे कुम्भो यश्च ग्रन्थौ तस्मिन्नुदररोगः ॥
यदि पाये का शिर छिद्रयुत, विवर्ण या ग्रन्थियुत हो तो उस पर सोने वाले को व्याधि होती है। इसी प्रकार यदि पैर के
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