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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 25
शुक्लः समः सुगन्धिः स्निग्धश्च शुभावहो भवेच्छेदः । अशुभशुभच्छेदा ये शयनेष्वपि ते तथा फलदाः ॥
यदि दाँत का छेद सफेद, समान, सुगन्धित या निर्मल हो तो शुभ होता है। ये सभी फल आसन के कहे गये हैं। इसी तरह पूर्वोक्त सभी लक्षण शय्या में भी फल प्रदान करते हैं।
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