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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 24
पाशेऽथवा कबन्ये नृपमृत्युर्जनविपत् सुते रक्ते । कृष्णे श्यावे रूक्षे दुर्गन्ये चाशुभं भवति ॥
पाश (फांसी) या कबन्ध ( विना शिर का पुरुष) के समान चिह्न दृष्टिगोचर हो तो राजा को मृत्यु, काटने पर रक्त निकलने लगे तो मनुष्यों के ऊपर विपत्ति तथा वह काला, पीला, रूखा या दुर्गन्धियुक्त हो तो अशुभ करने वाला होता है।
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