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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 18
अम्बस्पन्दनचन्दनवृक्षाणां स्पन्दनाच्छुभाः पादाः । फलतरुणा शयनासनमिष्टफलं भवति सर्वेण ॥
अम्ब, स्पन्दन और चन्दन वृक्षों से बने हुये पलंगों के पाये स्पन्दन वृक्ष को लकड़ी से बनाने पर शुभ होता है। समस्त फल वाले वृक्षों की लकड़ी से बने हुये पलंग या आसन का उपयोग करने से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।
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