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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 17
सर्वः स्पन्दनरचितो न शुभः प्राणान् हिनस्ति चाम्बकृतः । असनोऽन्यदारुसहितः क्षिप्रं दोषान् करोति बहून् ॥
केबल स्पन्दन वृक्ष की लकड़ी से बने हुये पलंग या आसन शुभ नहीं होते हैं। अम्ब वृक्ष की लकड़ी से बने हुये पलंग या आसन प्राणनाशक होते हैं। अन्य वृक्षों को लकड़ी से युत असन वृक्ष की लकड़ी से बने हुये पलंग या आसन शीघ्र ही बहुत दोष उत्पन्न करने वाले होते हैं।
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