शाल, शाक-इन दोनों वृक्षों की लकड़ी परस्पर मिली हुई हो या अलग-अलग हो तो भी शुभ फल देने वाली होती है। इसी तर हरिद्रक और कदम्न वृक्ष की लकड़ी परस्पर मिली हुई या अलग-अलग होने पर भी शुभ फल देने वाली होती है।
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