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बृहत्संहिता • अध्याय 79 • श्लोक 13
यः पद्मकपर्यङ्कः स दीर्घमायुः श्रियं श्रुतं वित्तम् । कुरुते शालेन कृतः कल्याणं शाकरचितश्च ॥
पद्यक वृक्ष से बनी हुई शष्या दीर्घायु, लक्ष्मी, धर्म और धन देने वाली एवं शाल वृक्ष से बनी हुई शय्या कल्याण करने वाली होती है।
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