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बृहत्संहिता • अध्याय 78 • श्लोक 9
भिक्षुणिका प्रब्रजिता दासी धात्री कुमारिका रजिका। मालाकारी दुष्टाङ्गना सखी नापिती दूत्यः ॥
त्रियों के परपुरुष से सम्बन्ध कराने में भिखारिन, संन्यासिन, दासी, घाई, धोबिन, मालिन, दुष्ट स्वभाव वाली सही, सखी, नापन- ये दूतो होती है।
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