तन्मित्रपूजा तदरिद्विषत्वं कृतस्मृतिः प्रोषितदौर्मनस्यम् । स्तनौष्ठदानान्युपगूहनं च स्वेदोऽथ चुम्बाप्रथमाभियोगः ॥
प्रिय के परदेश जाने से दुःखी होती है। स्तन- स्पर्श, अघरपान, आलिङ्गन और चुम्बन करने देती है। ये सब अनुरक्त खियों की चेष्टायें, हैं।
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