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बृहत्संहिता • अध्याय 78 • श्लोक 21
पुष्यस्नानौषधयो याः कथितास्ताभिरम्बुमिश्राभिः । स्नायात्तथात्र मन्त्रः स एव यस्तत्र निर्दिष्टः ॥
पुष्यस्नानाध्याय में जो औषधियाँ कही गई हैं, उनको जल में डालकर उस जल से और जो वहाँ पर मन्त्र कहा गया है, उसो मन्त्र से स्नान करना चाहिये।
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