न दिनत्रयं निषेव्यं स्नानं माल्यानुलेपनं स्त्रीभिः । स्नायाच्चतुर्थदिवसे शास्त्रोक्तेनोपदेशेन ॥
रजस्वला त्रो को तीन दिन तक स्नान, माला और अनुलेपन का सेवन नहीं करना चाहिये। चौथे दिन शास्त्रोक्त उपदेश के अनुसार स्नान करना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।