दुष्टस्वभावाः परिवर्जनीया विमर्दकालेषु च न क्षमा याः । यासामसृग्वासितनीलपीतमाताम्रवर्ण च न ताः प्रशस्ताः ॥
दुष्ट स्वभाव वाली तथा रति के समय की पीड़ा को नहीं सहन करने वालो खी को त्याग देना चाहिये। जिनके ऋतु का रक्त काला, नीला, पीला या ताम्रवर्ण हो, ये भी श्रेष्ठ त्रियाँ नहीं होती है।
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