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बृहत्संहिता • अध्याय 78 • श्लोक 1
शस्त्रेण वेणीविनिगूहितेन विदूरथं स्वा महिषी जघान । विषप्रदिग्धेन च नूपुरेण देवी विरक्ता किल काशिराजम् ॥
विदूरथ राजा की अपनी त्री ने बेणी में छिपाये हुये शस्त्र से अपने पति (विदूरथ) को और काशिराज को विरक्त अपनी खी ने विष मिले हुये नूपुर से अपने स्वामी (काशिराज) को मारा।
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