दालचीनी, कूठ, रेणुका (गगनघूरि), नलिका, स्मृक्का, बोल, तगर, नेत्रबाला, नागकेसर, पत्र (गन्धपत्र) - इनको सम भाग लेकर पीसे और फिर शिर में लगाकर स्नान करे तो यह राजा के योग्य शिरः स्नान होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।