इसके बाद जाय- फल चार भाग, गन्धपत्र दो भाग, इलायची एक भाग और कर्पूर तीन भाग लेकर एक जगह करके बारीक चूर्ण बनाकर उस चूर्ण को इन दन्तकाष्ठों से मसल कर दन्तकाष्ठों
को धूप में सुखा कर रक्खे ।
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