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बृहत्संहिता • अध्याय 77 • श्लोक 27
: जातीफलमृगकर्पूरबोधितैः ससहकारमधुसिक्तैः । बहवोऽत्र पारिजाताश्चतुर्भिरिच्छापरिगृहीतैः ॥
पूर्वोक्त द्रव्यों में से नियमानुसार अपनी इच्छा से किन्हीं चार द्रव्यों को लेकर जायफल, कस्तूरी और कर्पूर से उद्बोधित करके आम के रस से युक्त शहद से सिक्त करने पर पारिजातपुष्पसदृश गन्य बाले बहुत तरह के मुखवास बनते हैं।
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