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बृहत्संहिता • अध्याय 77 • श्लोक 16
श्रीसर्जगुडनखैस्ते धूपयितव्याः क्रमान्न पिण्डस्थैः । बोधः कस्तूरिकया देयः कर्पूरसंयुतया ॥
पूर्वोक्त समस्त गन्धित द्रव्यों को श्रीवास, राल, गुड़, नख-इन चारों का अलग- अलग धूप दे, सबको मिलाकर नहीं; बाद में कर्पूर और कस्तूरी का बोध दे।
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