मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 77 • श्लोक 13
घनबालकशैलेयककर्पूरोशीरनागपुष्पाणि व्याप्रनखस्पृक्कागुरुदमनकनखतगरधान्यानि ॥
मोथा, नेत्रबाला, शैलेय, कचूर, खश, नागकेसर के फूल, व्याघ्रनख, स्पृक्का (लता), अगुरु, दमनक, नख, तगर, धनियाँ,
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें