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बृहत्संहिता • अध्याय 77 • श्लोक 1
स्रग्गन्यधूपाम्बरभूषणाद्यं न शोभते शुक्लशिरोरुहस्य । यस्मादतो मूर्धजरागसेवां कुर्याद् यथैवाञ्जनभूषणानाम् ॥
सफेद केश बाले पुरुष को माला, सुगन्ध द्रव्य, धूप, यत्र, भूषण आदि शोभा नहीं देते; इसलिये अञ्जन और भूषण के सेवन को तरह केश काले करने का भी प्रयत्न करना चाहिये।
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