मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 76 • श्लोक 1
रक्तेऽधिके स्त्री पुरुषस्तु शुक्के नपुंसकं शोणितशुक्रसाम्ये । यस्मादतः शुक्रविवृद्धिदानि निषेवितव्यानि रसायनानि ॥
गर्भधारण-काल में रक्त अधिक हो तो कन्या, शुक्र अधिक हो तो पुत्र और दोनों समान हों तो नपुंसक सन्तान की उत्पत्ति होती है; अतः वीर्य बढ़ाने वाले रसायन का सेवन कराना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें