गर्व को छोड़ देने से मनुष्य सबका प्रिय हो जाता है और गयीं मनुष्य दुभंगता को प्राप्त होता है तथा अभिमानी मनुष्य बड़ी कठिनता से कार्य की सिद्धि करता है: लेकिन मधुर वचन बोलते हुये बड़ी आसानी से अपना कार्य सिद्ध होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।