खियों में ऐसा कौन दोष है, जिसको पुरुषों ने पहले नहीं किया अर्थात् पहले पुरुषों ने सभी दोष किये, तत्पश्चात् उन्हीं से खियों ने सीखे। पुरुषों ने अपनी धृष्टता से खियों को जीत लिया; क्योंकि पुरुषों से खियों में अधिक गुण होते हैं। ऐसा ही मनु द्वारा भी कहा गया है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।