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बृहत्संहिता • अध्याय 72 • श्लोक 1
देवैश्चमर्यः किल वालहेतोः सृष्टा हिमक्ष्माधरकन्दरेषु । आपीतवर्णाश्च भवन्ति तासां कृष्णाश्च लाङ्गलभवाः सिताश्च ॥
देवताओं ने बाल के लिये हिमालय की कन्दराओं में चमरी की उत्पत्ति की है। उनकी पूँछ के बाल पीले, काले और सफेद होते हैं।
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