नो सङ्गत्ते नातिपृथू न लम्बे शस्ते ध्रुवौ बालशशाङ्कयने । अर्धेन्दुसंस्थानमरोमशं च शस्तं ललाटं न नतं न तुङ्गम् ॥
विना मिले, न बहुत चौड़े, न बहुत लम्बे और बाल चन्द्र के समान वक्र स्त्री के घू शुभ होते हैं तथा अर्धचन्द्र के समान, रोमरहित और न नत-न उत्रत (समान) ती का ललाट शुभ होता है।
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