मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 70 • श्लोक 6
बन्धुजीवकुसुमोपमोऽ घरो मांसलो रुचिरबिम्बरूपभृत् । कुन्दकुड्मलनिभाः समा द्विजा योषितां पतिसुखामितार्थदाः ॥
बन्धुजीव पुष्प के समान और सुन्दर बिम्बफल के समान अधर तथा कुन्दपुष्प के समान दाँत स्त्रियों को पतिसुख और बहुत धन देते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें