स्तनी सरोमौ मलिनोत्वणी च
क्लेशं दद्याते विषमी च कर्णी।
स्थूलाः कराला विषमा दन्ताः
क्लेशाय चौर्याय च कृष्णामांसाः ॥
जिस ली के स्तन और कान रोममुक्त, भलिन, अभद्र और छोटे-बड़े हो, वह क्लेस भोगने वाली होती है तथा जिसके मोटे बाहर निकले विषम और कांस मे मुक्कदाँत हो, वह और होती है।
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